सहरसा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के बनगाँव रोड स्थित स्थानीय सेवाकेंद्र शान्ति अनुभूति भवन में अलौकिक रक्षाबंधन महोत्सव आत्मिक स्नेह, आध्यात्मिकता और भाईचारे की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुजफ्फरपुर से पधारीं बिहार एवं झारखंड ब्रह्माकुमारीज की निदेशिका वरिष्ठ राजयोगिनी रानी दीदी विशेष रूप से शामिल हुईं और उपस्थित भाई-बहनों को रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व का संदेश दिया।
कार्यक्रम के आरंभ में स्थानीय सेवाकेंद्र प्रभारी बी.के. स्नेहा बहन ने रानी दीदी का आत्मीय एवं सम्मानपूर्ण स्वागत किया। उन्होंने सहरसावासियों को आशीर्वाद देने और कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रानी दीदी के प्रति आभार व्यक्त किया।
अपने संबोधन में राजयोगिनी रानी दीदी ने कहा कि रक्षाबंधन केवल सामाजिक परंपरा या भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं है, बल्कि यह पवित्रता, आत्म-स्मृति, ईश्वरीय प्रेम और शुभ संकल्पों के बंधन में बंधने का आध्यात्मिक पर्व है। उन्होंने कहा कि सच्ची रक्षा बाहरी साधनों से नहीं, बल्कि अपने मन, बुद्धि और संस्कारों को नकारात्मकता से बचाकर पवित्र एवं श्रेष्ठ बनाने से होती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य भय, तनाव, क्रोध, अशांति और विभिन्न प्रकार की नकारात्मकताओं से घिरा हुआ है। ऐसे समय में राजयोग के माध्यम से आत्म-स्मृति और परमात्म-स्मृति को जीवन में अपनाकर शांति, शक्ति और सकारात्मकता का अनुभव किया जा सकता है। आत्मा की पहचान और परमात्मा से संबंध को स्मृति में रखते हुए श्रेष्ठ जीवन जीने का संकल्प ही रक्षाबंधन का वास्तविक संदेश है।
इसके बाद रानी दीदी ने उपस्थित भाई-बहनों को आत्म-स्मृति का तिलक लगाया और राखी बाँधी। इस दौरान भाई-बहनों में विशेष उत्साह और आध्यात्मिक आनंद का वातावरण रहा। राखी के माध्यम से सभी ने पवित्र जीवन, श्रेष्ठ कर्म और ईश्वरीय मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में कर्नल वी. रवि शंकर, समाजसेवी राधेश्याम अग्रवाल, अर्जुन दहलान, ओम प्रकाश चौधरी, इंजीनियर शिव शंकर प्रसाद सिंह, इंजीनियर शशिकांत सिंह सहित कई गणमान्य नागरिक एवं ब्रह्माकुमारीज के भाई-बहन मौजूद रहे।
पूरे आयोजन में आत्मीयता, पवित्रता और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों को रक्षाबंधन के बाहरी उत्सव से आगे बढ़कर उसके आंतरिक एवं आध्यात्मिक स्वरूप को समझने की प्रेरणा दी। ब्रह्माकुमारीज सहरसा सेवाकेंद्र की ओर से आयोजित यह महोत्सव लोगों के लिए आत्म-स्मृति, सकारात्मक सोच और जीवन में आध्यात्मिक परिवर्तन का प्रेरणादायी संदेश लेकर आया।
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