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चंद्रा टाइम्स

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Saharsa News : रौनियार वैश्य समाज की बैठक में धर्मशाला के जीर्णोद्धार सहित विकास योजनाओं पर हुई चर्चा



सहरसा। रौनियार वैश्य समाज, जिला इकाई सहरसा की एक महत्वपूर्ण बैठक रौनियार वैश्य धर्मशाला में शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में आयोजित की गई। बैठक का संचालन नीरज सोनू ने किया, जबकि अध्यक्षता संतोष गुप्ता ने की। इस दौरान समाज के विकास और भविष्य की योजनाओं को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में समाज के सम्मानित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने आपसी सहयोग, सद्भाव और सकारात्मक सोच के साथ समाजहित में आगे बढ़ने का संकल्प व्यक्त किया। सदस्यों ने कहा कि पहल भले ही छोटी हो, लेकिन यदि सभी लोग ईमानदारी, एकजुटता और सहयोग की भावना से इसे आगे बढ़ाएं, तो आने वाले समय में यह रौनियार वैश्य समाज, सहरसा के लिए मजबूत एवं सुखद भविष्य की नींव साबित हो सकती है।

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण चर्चा रौनियार वैश्य धर्मशाला की बदहाली और उसके जीर्णोद्धार को लेकर हुई। समाज के लोगों ने बताया कि यह धर्मशाला वर्ष 1975 में समाज के तन-मन-धन के सामूहिक सहयोग से निर्मित की गई थी। धर्मशाला के निर्माण से जुड़ी पुरानी स्मृतियों को साझा करते हुए नरेश प्रसाद गुप्ता ने बताया कि इसके भूमि पूजन के लिए चांदी की करनी का प्रयोग किया गया था।

गंगासागर गुप्ता एवं शिवशंकर गुप्ता ने बताया कि धर्मशाला के लिए जमीन तेतरवती देवी द्वारा दान में दी गई थी। वहीं पंकज गुप्ता एवं गिरधारी गुप्ता ने बताया कि धर्मशाला के निर्माण में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाले स्वजाति बंधुओं ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया था। उनके सहयोग और समाज की सामूहिक भावना से यह धर्मशाला अस्तित्व में आई।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि जिस धर्मशाला के निर्माण में समाज की कई पीढ़ियों का योगदान रहा है, उसकी वर्तमान स्थिति को सुधारना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके जीर्णोद्धार एवं बेहतर रखरखाव के लिए सभी वर्गों के सहयोग से ठोस पहल करने पर जोर दिया गया।

बैठक में इस बात पर भी बल दिया गया कि समाज की एकता, विकास और सम्मान सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी सदस्यों ने मिल-जुलकर समाज को मजबूत बनाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर सामाजिक आधार तैयार करने की भावना व्यक्त की। ओमप्रकाश गुप्ता,आकाश गुप्ता, शेखर सुमन,राजेन्द्र गुप्ता,मुकेश गुप्ता, गणेश प्रसाद गुप्ता,अनिल गुप्ता, जितेन्द्र गुप्ता, अरुण कुमार,राजेश कुमार,दुर्गा प्रसाद गुप्ता, अमरेंद्र गुप्ता, दामोदर गुप्ता, अशोक प्रसाद गुप्ता, सुधीर गुप्ता, किशोर गुप्ता, संतन गुप्ता, शिशुपाल गुप्ता, प्रमोद गुप्ता,संजय प्रसाद गुप्ता, बिनोद गुप्ता, संजीव गुप्ता शंभू गुप्ता सहित सैकड़ों में स्वजाति बंधु थे।

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