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चंद्रा टाइम्स

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SAHARSA : सेवा ही धर्म, सेवा ही कर्म: 13 वर्षों से जरूरतमंदों के बीच मिसाल कायम कर रहे समाजसेवी रोशन माधव




समाज सेवा केवल शब्द नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाने का संकल्प है। इसी सोच के साथ पिछले करीब 12-13 वर्षों से लगातार जरूरतमंद लोगों की मदद में जुटे हैं समाजसेवी रोशन माधव। रेलवे स्टेशन से लेकर बस स्टैंड और गांवों तक, जहां भी किसी जरूरतमंद तक मदद पहुंचाने की जरूरत महसूस होती है, रोशन माधव अपनी क्षमता के अनुसार सेवा के लिए आगे आते हैं।

चन्द्रा टाइम्स से बातचीत के दौरान रोशन माधव ने कहा कि समाज सेवा के लिए 13 साल भी उनके लिए काफी नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि पूरा जीवन भी समाज की सेवा में लग जाए, तो वह भी कम है।

उन्होंने कहा कि समाज में आज भी ऐसे बहुत से लोग हैं, जिन्हें दो वक्त का भोजन तक नसीब नहीं हो पाता। कई जरूरतमंद परिवार ऐसे भी हैं, जिन्हें शिक्षा सामग्री जैसी बुनियादी चीजें उपलब्ध नहीं हो पातीं और आजादी के इतने वर्षों बाद भी कई लोग अपने मौलिक अधिकारों से वंचित हैं। ऐसे लोगों तक सहायता पहुंचाना ही उनके सेवा कार्य का मुख्य उद्देश्य है।



रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर जरूरतमंदों की मदद

रोशन माधव अक्सर रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों पर जरूरतमंद लोगों की सेवा करते नजर आते हैं। उनका कहना है कि ऐसे स्थानों पर कई ऐसे लोग मिलते हैं, जिनका कोई सहारा नहीं होता और जिन्हें एक वक्त के भोजन के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है।

उनका पहला प्रयास यही रहता है कि ऐसे लोगों तक भोजन और आवश्यक सहायता पहुंचाई जाए। लेकिन उनकी सेवा केवल शहर या सार्वजनिक स्थानों तक सीमित नहीं है।

अगर किसी गांव से जरूरतमंद लोगों की जानकारी मिलती है, तो दूरी उनके लिए बाधा नहीं बनती। 15-20 किलोमीटर दूर गांव में भी यदि किसी को मदद की जरूरत हो, तो वे अपनी यथाशक्ति वहां पहुंचकर सेवा करने का प्रयास करते हैं।

बाढ़ और कोरोना के दौरान भी किया सेवा कार्य

रोशन माधव ने बताया कि प्राकृतिक आपदा के समय भी उन्होंने जरूरतमंदों की मदद की है। बाढ़ राहत कार्य के दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने का काम किया।

वहीं कोरोना महामारी के कठिन दौर को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उस समय करीब 4,000 परिवारों तक राशन पहुंचाने का प्रयास किया गया था।

उनका कहना है कि सेवा करने के लिए दूरी या किलोमीटर उनके लिए मायने नहीं रखता। जहां तक उनकी क्षमता होती है, वहां तक जरूरतमंदों की मदद करने का लगातार प्रयास रहता है।



“सेवा ही मेरा धर्म, सेवा ही मेरा कर्म”

करीब 12-13 वर्षों से समाज सेवा में सक्रिय रोशन माधव का कहना है कि उनका पूरा जीवन जरूरतमंदों की सेवा के लिए समर्पित रहेगा।

उनका स्पष्ट संदेश है—“सेवा ही मेरा धर्म है, सेवा ही मेरा कर्म है।”

उनकी सोच है कि समाज के लोग मिलकर एक मजबूत और संवेदनशील समाज का निर्माण करें। उनका कहना है कि हमें उन लोगों के लिए आगे आना चाहिए, जिनके चेहरे पर मुस्कान नहीं है और जिनका जीवन किसी न किसी परेशानी के कारण बेरंग है।

रोशन माधव का संदेश है कि आइए, उन लोगों के चेहरे पर मुस्कान बनें, जिनके जीवन में खुशियों की कमी है। यही सच्ची समाज सेवा है और यही मानवता की पहचान भी है।

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